"भूल जा वो गुजरे पल ,
आ चल , नई शुरुआत करते हैं ,
छोड़ी थी जहाँ अधूरी ,
वह कविता ,
कुछ शब्दों और कुछ छंदों से ,
पुनः अलंकृत करते हैं ,"
प्रतिध्वनि -----
"बिखरे हुए शब्दों से ,
कोई गीत अब ना रचा जायेगा ,
अधूरे पड़े थे जो पन्ने ,
आंसुओं से मैं भर चुका हूँ ."
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